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authorswiftecho <165864777+swiftecho@users.noreply.github.com>2024-04-08 03:14:19 +0000
committerGitHub <noreply@github.com>2024-04-08 03:14:19 +0000
commit96f20ca41d3ae53a48a41c474936165e5f764cee (patch)
tree0439f14e01433228c378451a42c49d09e5bdd2f9
parent48fce2b6ac85a8a827cc5bc1c172838c373d3af1 (diff)
Update readme.mdHEADmain
-rw-r--r--readme.md22
1 files changed, 11 insertions, 11 deletions
diff --git a/readme.md b/readme.md
index e276fb2..400f33a 100644
--- a/readme.md
+++ b/readme.md
@@ -15,21 +15,21 @@ The CSV files in this repository contain the following columns
* Awarded By - whether BJP state or Central government agency
* Donations to BJP - in crores of rupees, through electoral bonds
-नरेंद्र मोदी - भारत के PayPM
+# नरेंद्र मोदी - भारत के PayPM
-इलेक्टोरल बांड घोटाला भारत के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है।
+## इलेक्टोरल बांड घोटाला भारत के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है।
यह डेटाबेस भारत के लोगों को समर्पित है। पिछले 10 वर्षों में देश सबसे भ्रष्ट प्रधानमंत्री को झेलने को मजबूर हुआ है। इलेक्टोरल बांड वैध भ्रष्टाचार का सबसे घटिया तरीक़ा है। इसकी सच्चाई हर भारतीय के सामने आनी चाहिए।
-इस डेटाबेस में इन चीज़ों के बदले इलेक्टोरल बांड दिए जाने के स्पष्ट सबूत हैं - IT/ED/CBI छापों से सुरक्षा, नेशनल हाईवे कॉन्ट्रैक्ट, निजी कोयला खदानों की लीज, सैटेलाइट स्पेक्ट्रम, पर्यावरण मंजूरी, RBI की नीति में बदलाव, मेट्रो रेल कॉन्ट्रैक्ट और क्वालिटी टेस्टिंग में फेल होने के बावजूद दवाओं को बेचने की अनुमति।
+### इस डेटाबेस में इन चीज़ों के बदले इलेक्टोरल बांड दिए जाने के स्पष्ट सबूत हैं - IT/ED/CBI छापों से सुरक्षा, नेशनल हाईवे कॉन्ट्रैक्ट, निजी कोयला खदानों की लीज, सैटेलाइट स्पेक्ट्रम, पर्यावरण मंजूरी, RBI की नीति में बदलाव, मेट्रो रेल कॉन्ट्रैक्ट और क्वालिटी टेस्टिंग में फेल होने के बावजूद दवाओं को बेचने की अनुमति।
इस रिपॉजिटरी में CSV फाइल्स के निम्न कॉलम हैं:
-कंपनी का नाम
-कंपनी का ग्रुप (यदि किसी ग्रुप का हिस्सा हो तो)
-प्रकार (भाजपा से प्राप्त फेवर, पर्यावरण मंजूरी, सैटेलाइट स्पेक्ट्रम, हाईवे कॉन्ट्रैक्ट, आदि)
-छापेमारी एजेंसी (IT,ED,CBI)
-कॉन्ट्रैक्ट/फेवर/प्रोजेक्ट - प्रोजेक्ट का नाम
-मिलने की तारीख़
-किसके द्वारा मिला - भाजपा की राज्य या केंद्र सरकार की एजेंसी
-बीजेपी को चंदा- इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए करोड़ों रुपए
+* कंपनी का नाम
+* कंपनी का ग्रुप (यदि किसी ग्रुप का हिस्सा हो तो)
+* प्रकार (भाजपा से प्राप्त फेवर, पर्यावरण मंजूरी, सैटेलाइट स्पेक्ट्रम, हाईवे कॉन्ट्रैक्ट, आदि)
+* छापेमारी एजेंसी (IT,ED,CBI)
+* कॉन्ट्रैक्ट/फेवर/प्रोजेक्ट - प्रोजेक्ट का नाम
+* मिलने की तारीख़
+* किसके द्वारा मिला - भाजपा की राज्य या केंद्र सरकार की एजेंसी
+* बीजेपी को चंदा- इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए करोड़ों रुपए